मथुरा : वृंदावन कुंभ का दूसरा शाही स्नान आज

वृंदावन में कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक के दूसरे शाही स्नान को लेकर साधु संतों की पेशवाई पूरे गाजे बाजे के साथ धूमधाम से निकाल कर यमुना तट पर पहुंच कर यमुना ने डुबकी लगाकर शाही स्नान किया। पुलिस प्रशासन के कड़े इंतजाम ढोल नगाड़ों के साथ निकल रही है। शोभायात्रा हजारों की संख्या में साधु संत मौजूद हरिद्वार में कुंभ से पहले राधा-कृष्ण की प्रेम लीला स्थली वृंदावन में आयोजित वृंदावन वैष्णव कुंभ बैठक का आज विजया एकादशी पर दूसरा शाही स्नान का पर्व सम्पन्न हुआ।

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इस मौके पर तमाम साधु-संत और श्रद्धालु यमुना में आस्था की डुबकी लगाई । इससे पहले तय मार्ग पर संतों की शाही पेशवाई निकाली गई, जो श्रीबांके बिहारी के द्वार तक जाएगी। घोड़ा, ऊंट, बग्घी के साथ निकली यात्रा पेशवाई का आकर्षण बढ़ा रहे हैं। कतरब दिखाते साधु संत पेशवाई की शान बढ़ा रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने खास तैयारियां की है।

पेशवाई यमुना के पुलिन तट से शुरू हुई। यह नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुए निकल रही है। पेशवाई में आगे आगे तीनों वैष्णव अनि अखाड़ों के श्री महंत, चतुरः सम्प्रदाय महंत, उनके पीछे जगद्गुरु, महामंडलेश्वर, महंत, अखाड़ा धारी, खालसा प्रमुख और श्रद्धालु भव्य पेशवाई की शोभा बढ़ा रहे हैं। ऊंट पर बैठा संत वाद्ययंत्र बजाते हुए।इसलिए वृंदावन कुंभ का महत्व वृंदावन कुंभ को वैष्णव कुंभ कहा जाता है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में वर्णन है कि वृंदावन में एक कुंड था। जिसमें कालिया नाग रहता था। उसके विष से जीवों को बचाने के लिए श्री कृष्ण इस नदी में कूदे और कालिया नाग का वध कर पानी को अमृत्व प्रदान किया। मथुरा प्रशासन के द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ।

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