बाँदा : बम-बम भोले के जयकारों से गूंजा जिला

भगवान शिव के ख़ास दिन महाशिवरात्रि पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है।

भगवान शिव के ख़ास दिन महाशिवरात्रि पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है। बुंदेलखंड के बाँदा में भी महाशिवरात्रि के पर्व में वातावरण ॐ नमा शिवाय और बम बम भोले के जयकारो से गूँज रहा है। बाँदा के वामदेवेश्वर पर्वत की गुफाओ में स्थित प्राचीन शिवालय वामदेवेश्वर मंदिर में भी सुबह से शिवभक्तों की भीड़ जुट गयी है और बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजा अर्चना की जा रही है।

मान्यता है कि महामृत्युंजय मंत्र के रचियता कहे जाने वाले महर्षि वामदेव द्वारा स्थापित इस सिद्ध शिवालय में त्रेता युग में वनवास के दौरान खुद भगवान् श्रीराम आये थे। मान्यता है कि त्रेता युग में महर्षि वामदेव ने बाँदा मुख्यालय में केन नदी तट पर स्थित इसी पर्वत को तपोस्थली बनाया था और उनके तप से प्रसन्न होकर खुद भगवान् शिव पर्वत की इस गुफा में विराजमान हुए थे और तब से इसी जगह शिवलिंग विराजमान है। वनवास के दौरान भगवान् श्रीराम भी महर्षि वामदेव से मिलने इसी पर्वत में आये थे और भगवान् शिव की आराधना की थी।महाशिवरात्रि के दिन इस मंदिर हज़ारो श्रद्धालु पहुँचते है और भगवान् भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं।

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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बुंदेलखंड के बांदा में वामदेव पर्वत पर स्थित बांध देवेश्वर मंदिर में भक्तों का जबरदस्त हुजूम उमड़ा हुआ है। सुबह से ही महिला पुरुष और बच्चे की भारी भीड़ भगवान भोले शंकर का दर्शन करने के लिए लाइन लगाए खड़ी हैं ।आपको बता दें बांदा स्थित वामदेवेश्वर शिव मंदिर प्राचीन काल से ही आस्था का केंद्र रहा है और रामायण काल में महर्षि बामदेव ने इसी पर्वत पर कठोर तपस्या कर भगवान शिव को प्रसन्न किया था और पहाड़ की एक गुफा के अंदर शिवलिंग प्रकट हुआ था ।महर्षि बामदेव के नाम से ही इस मंदिर को और बांदा को जाना जाता है ।

वैसे तो आम तौर पर हर सोमवार को यहां श्रद्धालुओं का तांता लगता है लेकिन महाशिवरात्रि के मौके पर बांदा और दूरदराज से हजारों श्रद्धालु यहां आकर भगवान शिव की आराधना करते हैं और अपनी मनोकामना पूरी कराते हैं ।

Report-इल्यास खान

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