Farmers Protest: संयुक्त किसान मोर्चा का बड़ा ऐलान, कहा- बीजेपी को न दें वोट

नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान पिछले तीन महीने के ज्यादा समय से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं. वहीं, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मियों के बीच संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) ने भी पश्चिम बंगाल में जाने की तैयारी कर ली है. किसान मोर्चा ने बीते गुरुवार को बैठक कर पश्चिम बंगाल में होने वाले कार्यक्रम का विवरण जारी किया है.

संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) ने ऐलान किया कि 13 मार्च को वह नंदीग्राम में किसान महापंचायत करेंगे. संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि वह पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर 12 से 14 मार्च तक किसानों की महापंचायत करेगा. किसान मार्चा ने कहा कि हम पश्चिम बंगाल के लोगों से अपील करेंगे कि वह बीजेपी व उसके सहयोगियों को वोट न करें.

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बता दें कि किसान मोर्चे की ओर से मिली जानकारी के अनुसार 13 मार्च को नंदीग्राम में और 14 मार्च को सिंगुर में किसानों की महापंचायत होगी.

संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) के मुताबित किसान 12 मार्च को 12:30 बजे के कोलकाता के प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इसके बाद 2.30 बजे गांधी प्रतिमा से रामलीला पार्क तक वाहन रैली निकलेगी. वहीं, इसके बाद रामलीला पार्क में पश्चिम बंगाल किसान मजदूर महापंचायत का आयोजन होगा.

संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) के मुताबित किसान 12 मार्च को 12:30 बजे के कोलकाता के प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इसके बाद 2.30 बजे गांधी प्रतिमा से रामलीला पार्क तक वाहन रैली निकलेगी. वहीं, इसके बाद रामलीला पार्क में पश्चिम बंगाल किसान मजदूर महापंचायत का आयोजन होगा.

बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा 5 राज्यों में महापंचायत करेंगें

पंजाब में भारतीय किसान यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि बंगाल सहित 5 राज्यों में किसान संगठन सभा और महापंचायतें करेगा. जहां मतदाता से अपील की जाएगी कि वे बीजेपी या उसके सहयोगी दलों को छोड़कर किसी अन्य दलों को मतदान करें. राजेवाल ने कहा कि पश्चिन बंगाल की 294 सीटों पर किसान महापंचायतें करके और वहां के गांव में कृषि कानूनों की प्रतियां वितरित करके किसानों को उसके नुकसान और फायदे बताएगें. किसान संगठन प्रतिदिन बंगाल में 3 से 4 सभाएं करेंगे. प्रत्येक समूह हर जिले में 12 महापंचायत करेंगी.

बीते गुरुवार को चड़ीगढ़ के किसान भवन मीडिया के साथ बातचीत में बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि किसानों के दो समूह पहले ही असम पहुंच चुका है . उन्होंने आगे कहा कि 15 मार्च को पूरे देशभर में रेलवे के निजीकरण के खिलाफ मजदूर संगठन के आंदोलन को समर्थन करेंगे.

बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 मार्च को भारत बंद का ऐलान किया है. वहीं 19 मार्च को मुजारा लहर का दिन मनाया जाएगा और एफसीआई (FCI)और खेती बचाओ- मंड़ियों बचाओं कार्यक्रम के तहत पूरे देशभर की में विरोध प्रदर्शन होगा.

राजेवाल ने कहा, पंजाब और बंगाल वह है कि जो विभाजन के दौरान सबसे अधिक दंश झेल चुके हैं। ये दोनों राज्य ही किसान आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाएंगे. मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हर राज्यों में जाएंगे. किसान नेता हरमीत सिंह कादियान और प्रोफेसर मनजीत सिंह ने बोले कि आंदोलन के लिए कोई वित्तपोषण नहीं किया जा रहा है.

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