योगी सरकार में हाईटेक UP Police की हकीकत आई सामने, इंस्पेक्टर बना शराब माफिया!

यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) भले ही प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था के लाख दावें करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। योगी सरकार में यूपी की हाईटेक पुलिस (Police) अपराध पर लगाम लगाने और अपराधियों को जेल भेजने की बजाए, खुद ही माफिया बनने की कोशिशों में जुटी है।

ताजा मामला एटा जिले का सामने आया है, जहां शराब माफियाओं को पकड़ते-पकड़ते एटा पुलिस खुद ही शराब माफिया बन बैठी। शराब माफियाओं से बरामद की गई शराब में पुलिस (Police) का बड़ा गोलमाल देखने को मिला है। पुलिस द्वारा बरामद की गई शराब की खेप से भौतिक सत्यापन में लगभग 1400 पेटी कम निकली।

दरअसल, शराब माफियाओं से पुलिस (Police) ने शराब की बड़ी खेप बरामद की थी, जिसका भौतिक सत्यापन किया गया तो पुख्ता कानून व्यवस्था के दावे करने वाली पुलिस की सारी हकीकत सामने आ गई।

समाज की सुरक्षा की शपथ लेकर खाकी वर्दी पहनने वाले इंस्पेक्टर इंद्रेश सिंह और हेड मोहर्रिर विशाल सिंह का ईमान शराब की कुछ बोतलों के लिए डोल गया, जिनकी तैनाती एटा की देहात कोतवाली में बताई जा रही है।

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भौतिक सत्यापन में कम पाई गई शराब की पेटियों की बरामदगी के लिए जब छापेमारी की गई तो इंस्पेक्टर इंद्रेश सिंह के आवास से बड़ी मात्रा में शराब बरामद की गई, जिसके बाद एटा के एसएसपी ने इंस्पेक्टर और हेड मोहर्रिर को तत्काल प्रभाव से ससपेंड कर दिया।

इसके अतिरिक्त एसएसआई एनडी तिवारी ने कोतवाली देहात में आईपीसी की धारा 409, भ्रस्टाचार निवारण अधिनियम,आबकारी अधिनियम में कोतवाली देहात के इंस्पेक्टर इंद्रेश सिंह और विशाल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

गौरतलब है कि सत्ता में आने और देश के सबसे बड़े राज्य की कमान संभलानें के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि प्रदेश में अपराधी या तो अपराध छोड़ दें या फिर प्रदेश छोड़ दें। लेकिन कानून की रखवाली करने वाले पुलिसकर्मी ही अपने दायित्वों और कर्तव्यों को भूल बैठे हैं।

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