बागपत : 70 वर्षीय व्यक्ति हत्या की वारदात का पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

थाना चाँदीनगर क्षेत्र में एक माह पूर्व हुई एक 70 वर्षीय व्यक्ति हत्या की वारदात का पुलिस (Police) ने आज खुलासा कर दिया है। व्यक्ति की हत्या उधार के 8 लाख रुपये वापस देने से मना करने के चलते हुई। दो परिवारों की रंजिश के चलते गांव के ही एक परिवार के लोगों ने शूटरों को सुपारी देकर कराई थी।

फिलहाल पुलिस (Police) ने सुपारी किलर को गिरफ्तार कर उसके पास से हत्या की वारदात में प्रयुक्त एक तमंचा मय कारतूस व एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है फिलहाल पुलिस हत्या की वारदात में वांछित एक शूटर व हत्या कराने वाले लोगो की तलाश में जुटी है।

आपको बता दें कि मामला थाना चाँदीनगर क्षेत्र के चमरावल गांव का है जहां 9 फरवरी को गांव में हीरहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति रामवीर त्यागी की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसमें मृतक के बेटे निशांत ने गांव में ही रहने वाले 3 सगे भाइयों मोनू , गौरव ओर आशु को नामजद कराते हुए थाना चाँदीनगर में मुकद्दमा दर्ज कराया था। जिसके चलते ही वारदात की तफ्तीश में जुटी पुलिस (Police) ने आज हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले मेन शूटर कृष्णपाल को गिरफ्तार कर हत्या की वारदात का खुलासा कर दिया है ।

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पकड़े गए अभियुक्त ने पुलिस (Police) को बताया कि बुजुर्ग की हत्या मोनू , आशु व गौरव के कहने पर की थी जिसके लिए कुछ रुपये भी तय किये गए थे और जिस दिन बुजुर्ग की हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था उस दिन तीनों भाई पुराने मुकद्दमों में 2 हरिद्वार व एक बागपत जेल चले गए थे ताकि मृतक के परिजनों को उन पर कोई शक न हो। वहीं हत्या कराने के लिये युवकों के पिता रविदत्त ने 10 हजार रुपये पहले दिए और मकान आदि बनवाने व माली हालत सुधारने के लिए बाद में रुपये देने की बात तय हुई थी।

हत्या की वारदात को अंजाम इसलिए दिया गया क्योंकि मृतक ने रविदत्त से 3 साल पूर्व 8 लाख रुपये उधर लिए थे और रुपये देने से उसने मना कर दिया था जिसकी वजह से ही दोनों परिवारों में रंजिश चली आ रही थी। फिलहाल पुलिस (Police) वांछित एक शूटर व अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

वहीं एसपी बागपत ने प्रेसवार्ता कर बताया कि जनपद बागपत के थाना चांदीनगर के गांव चमरावल में 9 फरवरी को एक 70 वर्षीय बुजुर्ग रामवीर त्यागी की गोली मारकर हत्त्या कर दी गयी थी इस प्रकरण में उसके बेटे निशांत द्वारा नामजदगी में 3 लोगो नामित करते हुए  302 आईपीसी में एक मुकदमा लिखा गया था तीनो नामजद अभियुक्तो का नाम मोनू गौरव और आशु है।

इन तीनों सगे भाई है इस विवेचना को आगे बढ़ाते हुए जो मेंन शूटर था उस घटना में कृष्णपाल उसको गिरफ्तार कर लिया गया है पूछताछ में पता चला है कि ये हत्त्या उसमे नामजद अभियुक्तो मोनू आशु और गौरव के कहने पर की थी पहले ही इन्होंने शूटर हायर कर लिए थे जिसमें अरुण लुहारी और कृष्णपाल जो गिरफ्तार कर लिया वो है एक अज्ञात शूटर है इसमें तीनो भाई पुराने मुकदमो में दो हरिद्वार और एक बागपत जेल में बंद हो गए थे ।

जिस दिन हत्त्या हुए ये लोग जेल में थे इनको लगा था कि जब जेल में रहंगे ये लोग बच जाएंगे लेकिन इन्वेस्टीगेशन में ये बात सामने आई है कि शुरुआत में 10 दजर रुपये इन लोगो ने कृष्णपाल को दिए थे और घटना के बाद उन्होंने उसका घर बनवाने और माली हालत ठीक करने के लिए बाकी पैसो का वादा किया था इस प्रकरण में मुखबिरी तीनो नामजद अभियुक्तों के पिता ने की है जिसका नाम रविदत्त है इसमें 3 लोग अभी फरार है जिनकी गिरफ्तारी जल्द की जायेगी हत्त्या की वजह इनका नामजद अभियुक्त के साथ 8 लाख रुपये का लेंन देंन था 3 वर्षो से इनके बीच मे इनका विवाद चला आ रहा था।

रिपोर्ट- अजय त्यागी

 

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