कोरोना वायरस पर तीन गुना ज्यादा असरदार होगी भारत में बनाई जा रही ‘कैप्सूल वैक्सीन’!

कोरोना महामारी से पूरी दुनिया निजात पाने की कोशिशों में जुटी है। वहीं, कोरोना (Corona) के संक्रमण पर काबू पाने के लिए देश में कोविड वैक्सीनेशन का कार्य भी जारी है। इससे बावजूद एक बार फिर पिछले कई दिनों से कोरोना का संक्रमण महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब समेत कई राज्यों में तेजी से अपने पैर पसार रहा है।

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हालांकि, भारतीय वैज्ञानिकों ने इस महामारी से निजात पाने के लिए दो स्वदेशी वैक्सीन भी विकसित की हैं, ताकि इस संक्रमण से देश की जनता को मुक्त किया जा सका और लोगों की जान बचाई जा सके।

कोरोना वायरस (Corona Virus) के लिए भारतीय वैज्ञानिकों ने दो वैक्सीन विकसित की हैं, जिसे इंजेक्शन के जरिए लोगों को दी जाती है। लेकिन भविष्य में आपको कोरोना वायरस वैक्सीन के लिए सुई लगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आपको सिर्फ एक कैप्सूल खाना होगा। ये कैप्सूल एक भारतीय दवा कंपनी अमेरिकी दवा कंपनी के साथ मिलकर तैयार कर रही है, जो कि भारत मे ही बनाई जा रही है।

‘कैप्सूल वैक्सीन’ भारत में ही बन रही है, इसे भारतीय कंपनी विकसित कर रही है, जिसका नाम ‘प्रोमास बायोटेक’ है। अमेरिकी दवा कंपनी ओरामेड फार्मास्यूटिकल्स (Oramed Pharmaceuticals) के साथ मिलकर भारतीय दवा कंपनी प्रेमास बायोटेक (Premas Biotech) इस कैप्सूल को तैयार कर रही है। दोनों कंपनियों ने 19 मार्च को कोरोना वायरस (Corona Virus) के ओरल वैक्सीन को बनाने की संयुक्त घोषणा की थी। कंपनी ने दावा किया है कि ‘कैप्सूल वैक्सीन’ की सिंगल डोज से ही कोरोना वायरस से काफी राहत मिल जाएगी, जो कि बेहद असरदार है।

कंपनी की ओर से तैयार की जा रही है ‘कैप्सूल वैक्सीन’ का नाम ‘ओरोवैक्स कोविड-19 कैप्सूल’ (Oravax COVID-19) है, जिसको लेकर कंपनी का दावा है कि जंतुओं पर किए गए अध्ययन के दौरान ‘कैप्सूल वैक्सीन’ काफी असरदार दिखाई दी है। इसकी कैप्सूल से न्यूट्रीलाइजिंग एंटीबॉडीज (IgG) और इम्यून रेस्पॉन्स (IgA) दोनों काम हो रहे हैं। इसकी वजह से हमारे रेस्पिरेटरी और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट कोरोना संक्रमण (Corona Virus) से सुरक्षित रहता है।

प्रेमास बायोटेक के सह-संस्थापक और प्रंबध मैनेजर डॉ. प्रबुद्ध कुंडू के मताबिक, ओरावैक्स कोविड-19 कैप्सूल वीएलपी नियम पर आधारित है। यह ‘कैप्सूल वैक्सीन’ कोरोना वायरस (Corona Virus) से तीन गुना ज्यादा सुरक्षा देगी। यानी कि कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन, मेम्ब्रेन एम और एनवेलप-ई टारगेट्स… यह तीनों से बचाएगा।

कंपनी के मुताबिक, यह कैप्सूल वैक्सीन दो तरीके से काम करती है। यह दुनिया की पहली ऐसी अनोखी दवा है। यह कोरोनावायरस के संक्रमण से सांस लेने के रास्ते को बचाती है।

‘ओरावैक्स कोविड-19’ कैप्सूल की वजह से शरीर में इम्यूनोजेनिसिटी बनी रहती है। साथ ही यह कैप्सूल न्यूट्रीलाइजिंग एंटीबॉडीज बनाकर कोरोना वायरस को कमजोर और निष्क्रिय करने का काम करता है।

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