Happy Holi 2021: अगर आप है अस्थमा के मरीज तो होली खेलते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

होली (Holi) का त्योहार रंगों का त्योहार है, जिसे भारत (INDIA) में हर साल फाल्गुन महीने के पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। रंगों के इस त्योहार की धूम पूरे देश में देखने को मिलती है। हो। रंग, गुलाल, प्यार और भक्ति के इस त्योहार को मनाने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। होली भारत के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

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होली के दिन सभी जमकर रंग खेलते हैं। पर कई बार ये रंग हमारे लिए मुसीबत बन जाते हैं। अस्थमा के मरीजों को होली खलते समय सावधान रहना चाहिए क्योंकि होली में खेले जाने वाले इन रंगों की वजह से उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। मिली जानकारी के मुताबिक अगर ये रंग भूल से भी मरीजों में मुहं में चले जाएं, तो उन्हें अस्थमा अटैक भी आ सकता है।आज हम आपको बताएंगे की अस्थमा के मरीजों को रंग खलते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. अस्थमा के मरीजों को भूलकर भी सूखे रंग का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि सूखे रंग में पाए जाने वाले कण हवा में मिल जाते हैं जिनकी वजह से सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

2. स्थमा के मरीजों को होली के दिन भूलकर भी शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।

3. अगर रंग खलते वक्त आपकी सांस फूलने लगें या बेचैनी से लगें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाए।

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