Corona Vaccination: देशभर में बीते 24 घंटों में 36.7 लाख से ज्यादा लोगों को दी गई कोरोना वैक्सीन

देश में पिछले 24 घंटों में 36.7 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccination) की डोज दी गई है, जो एक दिन में अबतक सबसे ज्यादा है. खास बात है कि 45 साल से ज्यादा उम्र के जिन्हें कोई बीमारी है या नहीं, ऐसे 19,46,948 लोगों ने कोरोना का टीका लगवाया. भारत में अब तक कोरोना वैक्सीन की 6 करोड़ 80 लाख से ज्यादा वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है, जिसमें पहली और दूसरी डोज दोनों शामिल हैं.

बीते गुरुवार 1 अप्रैल को हुए कोरोना वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) में 36,71,242 लोगों को कोरोना की डोज दी गई है. जिसमें 33,65,597 लोगों को पहली बार और 3,05,645 लोगों को दूसरी बार कोरोना का टीका लगाया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल 6,87,89,138 वैक्सीन डोज दी जा चुकी है, जिसमें पहली और दूसरी डोज दोनों शामिल हैं.

टीकाकरण अभियान के 76वें दिन यानी 1 अप्रैल को कुल 36,71,242 वैक्सीन खुराक दी गईं.
45,975 हैल्थकेयर और 1,78,850 फ्रंटलाइन वर्करों को पहली डोज.
33,860 हैल्थकेयर और 1,52,838 फ्रंटलाइन वर्करों को दूसरी डोज.
45 साल से ज्यादा उम्र के 19,46,948 लोगों को पहली डोज और 21,552 लोगों दूसरी डोज दी गई.
60 साल से ज्यादा उम्र के 11,93,823 लोगों को पहली और 98,395 लोगों को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज दी गई.

देश में अबतक 83,06,269 हैल्थकेयर और 93,53,021 फ्रंटलाइन वर्करों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है. तो वहीं, 52,84,564 हैल्थकेयर और 40,97,634 फ्रंटलाइन वर्करों को दूसरी डोज दी जा चुकी है. 45 साल से ज्यादा उम्र के 97,83,615 लोगों को पहली और 39,401 लोगों को दूसरी डोज दी जा चुकी है. इसके अलावा 60 साल से ज्यादा उम्र के 3,17,05,893 लोगों को पहली और 2,18,741 लोगों को दूसरी डोज दी जा चुकी है.

देश में कोरोना वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) की शुरुआत 16 जनवरी को हुई थी. और फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण 2 फरवरी से शुरू हुआ था, कोरोना वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) का अगला चरण 1 मार्च से शुरू हुआ था, जिसमें 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के साथ 45 साल से ज्यादा उम्र के लोग जिन्हें गंभीर बीमारी है, उनका टीकाकरण शुरू हुआ था, वहीं एक अप्रैल से 45 साल से ज्यादा उम्र के उन लोगों का भी टीकाकरण शरू हो गया, जिन्हें कोई बीमारी नहीं है.

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