पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर मोदी सरकार जल्द दे सकती है राहत!

पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) की कीमतें देश में रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है, जिसे लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है। इसी वजह से सरकार को काफी आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे जनता को मंहगाई की मार झेलनी पड़ रही है, लेकिन खबर आ रही है कि जल्द ही लोगों को इस पर राहत मिल सकती है।

वित्त मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार पेट्रोल (Petrol) और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने की तैयारी कर रही है। इस पर वित्त मंत्रालय विचार कर रहा है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले पर वित्त मंत्रालय ने अब राज्य सरकारों, तेल कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ विचार करना शुरू किया है। सूत्रों के मुताबिक, ऐसी राह की तलाश की जा रही है कि सरकारी खजाने पर ज्यादा बोझ भी नहीं पड़े और उपभोक्ताओं को राहत दी जा सके।

सूत्र के मुताबिक, ‘हम ऐसे तरीकों पर विचार कर रहे हैं कि कीमतें किस तरह से स्थ‍िर रखी जायें। हम मार्च के मध्य तक इस बारे में कोई निर्णय ले लेंगे। सरकार टैक्सेज में कटौती से पहले इस बात का इंतजार करेगी कि कच्चे तेल की कीमतें स्थ‍िर हो जाएं, ताकि आगे फिर टैक्स में बढ़ोतरी की जरूरत न पड़े।’

आपको बता दें कि हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा था कि टैक्स में कटौती के बारे में केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर कोई कदम उठाना होगा।

Petrol
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
ये भी पढ़ें- किशोरी की हत्या मामला: छावनी में तब्दील हुआ अलीगढ़ का पोस्टमार्टम हाउस, भारी पुलिस बल तैनात

टैक्सेज में कटौती को लेकर RBI गवर्नर ने कहा…

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी कहा है कि सरकारों को टैक्सेज में कटौती करनी चाहिए। अभी पेट्रोल (Petrol) और डीजल की कीमत में टैक्सेज का हिस्सा बहुत ज्यादा है।

पेट्रोल (Petrol) की कीमत में लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा तो टैक्स का ही होता है। करीब 36 रुपये लीटर की लागत में आने वाला पेट्रोल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 91 रुपये के करीब बेचा जा रहा है, यानी इसमें करीब 55 रुपये का टैक्स लग रहा है।

गौरतलब है कि पेट्रोल (Petrol) और डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह से सरकार पर हमलावर विपक्ष की ओर से लगातार यह मांग की जा रही है कि केंद्र और राज्य सरकारें टैक्सेज में कटौती करें।

Related Articles

Back to top button