लखनऊ: बीजेपी सांसद कौशल किशोर के बेटे को अज्ञात बदमाशों ने मारी गोली, हालत नाज़ुक

लखनऊ। जहां एक ओर कमिश्नर डीके ठाकुर शहर को अपराध मुक्त करने के लिए तमाम कवायदों में लगे है वहीं अपराधियो के दिल से लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस का खौफ कहीं ना कहीं कम होता नजर आ रहा है। बेखौफ बदमाश पुलिस को खुली चुनौती देकर अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहें है राजधानी में ताबड़तोड़ घटनाए जारी हैं और पुलिस के हाथ खाली रह जा रहें..

कल हुई गाजीपुर थाना क्षेत्र में डकैती के बाद आज मड़ियाव क्षेत्र में बीजेपी सांसद के बेटे को गोली मार दी गई ऐसे में कमिश्नरेट पोलिसिंग की कार्यप्रणाली पूरी तरह से फेल साबित होती दिख रही है।

ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया जिसका इलाज जारी है

मामला मडियांव थाना क्षेत्र का है जहां मोहनलालगंज से मौजूदा सरकार के सांसद कौशल किशोर के बेटे को छटा मील चौराहे पर बाइक सवार अज्ञात बदमाशो ने सरे राह गोली मारकर गोली कांड की वारदात को अंजाम दिया और मौक़े से फरार हो गए। सांसद के 30 वर्षीय बेटे आयुष को नाज़ुक हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया जिसका इलाज जारी है।

सनसनीखेज़ वारदात से इलाक़े मे दहशत का माहोल है, 24 घण्टे में दो बड़ी वारदातों से राजधानी दहल उठी है गाजीपुर थाना क्षेत्र में डकैती की सनसनीखेज वारदात के 24 घण्टे के भीतर ही बीजेपी सांसद के बेटे को गोली मार दी गई ऐसे में रात के वक्त सड़कों राहगीरों की गाड़ियों के नम्बर और नाम नोट सक्रियता के दावे करने वाली पुलिस की नाक के नीचे से बदमाश बड़े बड़े कांड को अंजाम देकर फरार हुए । बदमाशों ने खोली सक्रियता की पोल। राजधानी में बदमाशो के हौसलों के सामने नतमस्तक होता नज़र आ रहा कमिश्नरेट सिस्टम।

सांसद कौशल किशोर का बेटा खतरे से बाहर है सांसद कौशल किशोर ने बताया कि उनके बेटे आयुष को दौड़ाकर गोली मारी गई है गोली किसने मारी और क्यों मारी है इसका अभी पता नहीं चल पाया है। जिस वक्त आयुष को गोली मारी गई उस वक्त आयुष के साथ आयुष का साला भी मौजूद था।

पुलिस ने आयुष को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं डीसीपी नॉर्थ का कहना है कि अभी सांसद कौशल की तरफ से हमें कोई तहरीर नहीं मिली है जब तहरीर मिलेगी तो उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम इसलिए लागू किया गया था ताकि राजधानी वासियों को बेहतर सुरक्षा और बेहतर कानून व्यवस्था मुहैया कराई जा सके इसके साथ अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाई जा सके पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के साथ ही राजधानी में करीब एक दर्जन आईपीएस अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गई।

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एक दर्जन आईपीएस अधिकारियों के तैनाती के बाद भी लगातार हत्या लूट डकैती छेड़छाड़ व गोलीकांड जैसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है इन तमाम घटनाओं को देखा जाए तो राजधानी में पुलिस कमिश्न रेट सिस्टम पूरी तरीके से फेल नजर आता है।

जब एक साथ एक जिले में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक दर्जन आईपीएस अधिकारी तैनात किए जाते हैं हाईटेक गाड़ियां मुहैया कराई जाती हैं हाईटेक सर्विलांस सिस्टम मुहैया कराया जाता है उसके बावजूद भी एक के बाद एक घटना को अंजाम देकर बदमाश पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं अब देखना होगा कि सांसद कौशल किशोर के बेटे के गोली कांड के मामले में क्या मोड सामने आता है।

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