किसान नेता राकेश टिकैत और पन्नू समेत कई नेताओं को पुलिस ने फिर भेजा नोटिस, जानें क्या है पूरा मामला ?

गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में 20 और किसानों के खिलाफ लुकआउट नोटिस (Lookout Notice) जारी किये गये हैं। इनमें ज्यादातर किसान नेता हैं। इसके मद्देनजर एयरपोर्ट पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है, क्योंकि पुलिस को आशंका है कि ये लोग पुलिस कार्रवाी से बचने के लिए विदेश जा सकते हैं।

बता दें कि इससे पहले यह नोटिस (Notice) 40 किसानों के खिलाफ जारी किया गया है। विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) ने बताया कि दिल्ली पुलिस की पूछताछ में शामिल होने के लिए किसान नेताओं को दूसरा नोटिस भेजा गया है। उन्होंने बताया कि अभी ज्यादातर नेताओं से पूछताछ नहीं हुई है। इनमें भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत व सतनाम सिंह पन्नू आदि शामिल हैं।

अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं। अब तक कुल एफआईआर की संख्या 59 हो गई है। इनमें से 14 मामलों की दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा जांच कर रही है। इन एफआईआर के तहत कुल 158 आरोपी व किसानों को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें से 130 आरोपी अभी जेल में हैं और बाकी को जमानत मिल चुकी है।

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अधिकारी ने बताया कि हिंसा से संबंधित फोटो, वीडियो और ऑडियो देने के लिए आम लोगों से अपील की गई थी। इस अपील के तहत लोगों ने 3000 फोटो, 2001 वीडियो और 73 ऑडियो भेजे हैं। साथ ही ई-मेल और व्हाट्सएप के जरिए भी 1810 फोटो और वीडियो भेजे गए हैं। फोटो व वीडियो में आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

लालकिले से पुलिस ने करीब 10 हजार लोगों का डंप डाटा उठाया है, जिससे पता चला है कि सिंघु, गाजीपुर और टीकरी बॉर्डर से वहां किसान पहुंचे थे।

वहीं, पुलिस के मुताबिक, हिंसा के मामले की जांच में यह बात सामने आ चुकी है कि लालकिले पर झंडा फहराने की घटना को साजिश के तहत अंजाम दिया गया है। किसानों ने यह पहले से ही तय कर लिया था कि उन्हें लाल किले पर उन्हें फतेह दिवस मनाने के लिए झंडा फहराना है।

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