कोरोना में मृत लोगो को भी स्वास्थ्य विभाग लगा रहा है कोरोना का टीका 

जौनपुर का स्वास्थ्य विभाग अब जीवित लोगो के साथ दिवंगत आत्माओं को भी कोरोना का टीका लगा रहा है। मृत आत्मा को टीका किसी और को नही बल्की कोरोना के चलते आठ माह पूर्व काल के गाल में समा चुके जिले से प्रकाशित दैनिक तरूण मित्र के सम्पादक कैलाश नाथ को लगा गया है। स्व0 कैलाश नाथ की कोविड के चलते मौत के कारण उनके परिजनों को सीएम योगी ने दस लाख रूपये की आर्थिक सहायता भी दे चुके है।

14 जनवरी को रात्रि 8 बजे कोरोना से मृत सम्पादक कैलाशनाथ को कोविड-19 का दूसरा टिका लगा । यह सूचना उनके मोबाइल पर नेशनल हेल्थ पोर्टल द्वारा भेजी गयी और Cowin वेबसाइट से प्रमाण पत्र भी डाउनलोड करने को बोला गया। स्व 0 कैलाशनाथ के पौत्र उज्जवल कुमार ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि Cowin वेबसाइट पर लॉगइन करने के बाद उनका प्रमाण पत्र डाउनलोड किया गया। प्रमाण पत्र पर उन्हें पहला टीका (बैच नंबर – 4121Z022) 12 मार्च 2021 को लगा था जब वह जीवित थे। कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद उनकी मृत्यु 2 मई 2021 को हो गई थी। परिजनों द्वारा यह बताए जाने के बाद भी कि उनकी मौत हो चुकी है आखिर कैसे उनके नंबर पर टीका लगाकर उन्हें प्रमाण पत्र अपलोड करने के लिए कहा गया।

आश्चर्य करने वाली बात यह है कि मृत होने के 8 महीने बाद उन्हें दूसरा टीका (बैच नंबर – 4121Z273) कल 14 जनवरी 2022 को धर्मापुर पीएचसी जौनपुर में पूनम यादव द्वारा लगाया गया। भला एक मृत व्यक्ति जिसकी राख भी वातावरण में मिल चुकी हो उसे टीका कैसे लगाया जा सकता है।

वहीं इस पूरे मामले पर खबर चलाये जाने के बाद विभाग लीपापोती में जुट गया आननफानन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ लक्ष्मी सिंह ने खानापूर्ति करते हुए अपने स्तर से जांच कराई और उसे मानवीय हुई भूल करार देते हुए संबंधित को आगे से इस मामले में सतर्कता बरतने के लिए कर कर छोड़ दिया। इस मामले को लेकर संवाददाता द्वारा लगातार उनसे बात करने का प्रयास किया गया लेकिन वह कैमरे के सामने कुछ भी नहीं बोली अन्तःत उनके विभाग के ही डिप्टी सीएमओ इस मामले पर बयान देना पड़ा।

रिपोर्टर – विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

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